ये धरती पे अंधकार है छाया
देख सूरज नया सवेरा है लाया
तेरी ज़िन्दगी में नया अवसर है आया
जो करे कोशिश
अवसर उसने ही पाया
कर कोशिश उस अवसर को पाने की
कर कोशिश हर डर को हराने की
तू भी जा सकता है चाँद पर
बस देरी है हौसला जगाने की
रह मत चुप एक बिल में
खुलके कर जो हो तेरे दिल में
पता नहीं कब मिले मौका
कर कुछ अच्छा हर दिन में
कुछ मिले ना मिले
तेरी कोशिश करता चल
भले ना मिले मंज़िल
तेरे रस्ते सुहाने करता चल
हिमांशु के कलम की जुबानी
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