आंखों से आंखें

आंखों से आंखें जब मिल जाती,
प्यार का बिगुल दिल में बज जाती।
इशारों की बातें जब जेहन में उतरती,
आंखें गड़ाएं नजरें शनम को ढुढ़ती।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

6 responses to “आंखों से आंखें”

  1. Praduman Amit

    वाह।

  2. त्रुटियाँ हैं पर भाव अच्छे हैं

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