आंख का पानी

कभी नाउम्मीद हो जाती हूं जब उनसे,
फकत दो बूंद गिरती हैं मेरी आंख से।
चैन सा आता है,
बहुत पानी है बॉडी में ,मेरा क्या जाता है।
———— फकत मतलब केवल
विज्ञान के अनुसार हमारे शरीर में 70% पानी होता है।

Comments

11 responses to “आंख का पानी”

  1. शानदार, लाजबाब, जितनी प्रशंसा की जाये कम है। कवि शिरोमणि हैं आप।

    1. बहुत सुंदर समीक्षा के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद आपका 🙏

    2. आपकी प्रेरणादायक समीक्षा बहुत उत्साहवर्धन करती हैं।

  2. Praduman Amit

    आपकी शेर में काफी दम है।
    इसलिए तो आज फलक पे है।।

    1. Geeta kumari

      बहुत बड़ी बात है मेरे लिए। बहुत बहुत धन्यवाद आपका।
      आप लोगों की सुंदर सुंदर समीक्षाएं ऊर्जा प्रदान करती हैं।

  3. Geeta kumari

    🙏🙏

  4. अति सुन्दर

    1. Geeta kumari

      Thank you very much pragya ji

  5. Piyush Joshi

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया पीयूष जी

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