आजादी

सालों पहले मिली आजादी के बाद भी
आज हम खुद से लड़ रहे हैं
हम कैसे मान लें कि हम
प्रगति की ओर आगे बढ़ रहे हैं,

कहीं सरहद पर पूरे उत्साह से खड़ा जवान
देश की सेवा के अवसर से गरवांवित है
तो कहीं देश के सीने में शिक्षा देते संस्थानों
की छाती पे खड़े होकर कोई आज़ादी के नारे लगा रहा,

पक्ष-विपक्ष के इतिहास को बार-बार
देश को सँभालने वाले दोहरा रहे हैं
समझ नहीं आता क्यों इतने लंबे समय बाद भी
एक दूसरे के अच्छे काम की सराहना नहीं कर पा रहे हैं

बिकता मीडिया बार-बार गुमराह करने की
कोई कसर न छोड़ने को तैयार है
विद्या मानकर पूजने वाले कार्य
के साथ ये कैसा व्यवहार है,

समझ नहीं आता इनके रोमटे कैसे खड़े हो जाते हैं
जन-गण-मन गाने में
बड़ी सोच में पड़ जाता हूँ मैं
अच्छे बदलाव को थोड़ा भी करीब न पाने में,

आशा है और उम्मीद है
मेरा देश एक दिन फिर आज़ाद होगा
सही और गलत में रुपयों की ताकत के बावजूद भी
कोई भेदभाव न होगा,

अपना जीवन त्याग चुके हर एक वीर को
मेरा खूब सम्मान है, आज हमारे सुकूँ के
पीछे न जाने कितनों का बलिदान है।।

-मनीष

Comments

10 responses to “आजादी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Jai hind

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    बहुत सुंदर

  3. Kanchan Dwivedi

    Nice

  4. Pragya Shukla

    गुड

  5. Pragya Shukla

    Nice

  6. Satish Pandey

    जय हिंद

  7. Abhishek kumar

    👌👌

  8. Satish Pandey

    जय हिन्द

  9. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    सुन्दर प्रस्तुति

  10. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर

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