8 Comments

    1. बहुत बहुत आभार सर
      कोई तरीका है सर अब ये गलतियां सुधारने का,
      कृपया मार्गदर्शन करें

      1. सर मैं तो एक काम करता हूँ
        कविता लिखकर एक बार पढ़ लेता हूँ।
        यदि फिर भी गलती रह जाती है तो
        त्रुटिपूर्ण कविता को डिलीट करके कॉपी पेस्ट करके दोबारा पोस्ट कर देता हूं

  1. लोग चाहते हैं की मैं बस झूठी तारीफ ही करता जाऊं परंतु इससे मेरा कोई नुकसान नहीं होगा।
    मुझे तो पॉइंट मिल ही जाएंगे चाहे जो कुछ भी लिखूँ इससे
    औरों का ही फायदा है उनकी त्रुटियों में सुधार आता है तथा वह कुछ सीखते हैं वह सिखाते हैं।
    क्योंकि साहित्य सृजन में यह बहुत आवश्यक है कि हम समाज से सीखें और सिखाएं।

    1. कोई बात नहीं सर! आप अपने मन से जो सही लगता है वह करते रहो। झूठी तारीफ दूसरे के लिए नुकसानदायक तो होती है ही, खुद के लिए भी होती है।

Leave a Reply