इमारतें

इमारतें मजबूत हो तो,
साथ सभी का होता है,
वरना खंडहरों को,
कौन अपना आशियाना बनाता है।

Comments

12 responses to “इमारतें”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बिल्कुल सही कहा
    बेबस इंसान को कोई नहीं पूछता
    बहुत सुंदर भाव

    1. धन्यवाद सर

    1. Pratima chaudhary

      Thank you sir

  3. सब पूंछते हैं आप कैसे है
    जब तक आपके पास पैसे है

    1. बहुत सुंदर प्रज्ञा जी
      बहुत बहुत धन्यवाद

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