इस कदर गुज़रेंं हैं..

‘इस कदर गुज़रेंं हैं हम इश्क के दौर से,
दिल धड़कता है यहाँ, सदा आती है कहीं और से..’

– प्रयाग

मायने :
सदा – आवाज़

Comments

11 responses to “इस कदर गुज़रेंं हैं..”

  1. बहुत ही उम्दा

      1. Suman Kumari

        बहुत-बहुत बधाई!

  2. बहुत सुंदर

  3. बहुत ख़ूब

    1. Prayag Dharmani

      शुक्रिया सर

  4. अतीव सुन्दर, वाह वाह

    1. बहुत शुक्रिया आपका

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