ईद का चाँद

आँखें पथराई हैं तेरी राह देखकर
मुलाकात को बेचैन हैं इतना
पर तू तो ईद का चाँद हो गया है..

Comments

4 responses to “ईद का चाँद”

  1. सुंदर पंक्तियां

  2. Geeta kumari

    क्या बात है

  3. वाह वाह अति उत्तम। मुहावरे का प्रयोग कर भाषागत सौंदर्य में अभिवृद्धि की गई है।

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