कर्म अपने हाथ में है
और बाकी कुछ नहीं,
एक ईश्वर की है सत्ता
और बाकी सच नहीं।
जो मुझे यह दिख रहा है
अपने चारों ओर का,
एक सपना सा है यह सब
और बाकी कुछ नहीं।
एक ईश्वर की है सत्ता
Comments
10 responses to “एक ईश्वर की है सत्ता”
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सुन्दर प्रस्तुति
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बहुत बहुत धन्यवाद, जी
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सत्य का बहुत ही सुंदर प्रस्तुतिकरण,वाह
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सुन्दर सराहना हेतु हार्दिक धन्यवाद
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Beautiful
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बहुत बहुत धन्यवाद जी, आपकी टिप्पणी ने उत्साह का संचार किया, थैंक्स
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भावुपूर्ण रचना
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बहुत बहुत धन्यवाद
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Sunder
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बहुत बहुत धन्यवाद जी
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