“एक और परीक्षा”
खत्म हुई अाज जिन्दगी की
एक और परीक्षा
फिर जीत गई मैं
हमेशा की तरह
अब परिणाम की प्रतीक्षा भी नहीं
क्योंकि स्वयं की मेहनत पर
अटूट विश्वास है
परीक्षा का अनुभव कैसा भी
रहा हो पर
परिणाम तो अच्छा ही होगा
मेरा दिल मुझसे कहता है प्रज्ञा !
एक दिन ऐसा भी आएगा जब
तेरे कदमों तले जहान होगा..
Exam खत्म होने पर मेरी खुशी…
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति वाह, प्रज्ञा जी
इसी प्रकार जीवन की हर परीक्षा में आप उत्तीर्ण हो यही मंगल कामना है भाव बहुत ही संवेदनशील है तथा आपकी खुशी झलक रही है
वाह, बहुत सुंदर रचना और उसका सुंदर प्रस्तुतिकरण
बेहतरीन