6 Comments

  1. कुछ करना बस नहीं है उसके
    बस उलझन में खड़ा रहा है,
    कभी तो टपकेगा जल मुझसे
    ऐसी आशा लगा रहा है।
    ________ नल का मानवीकरण करते हुए , पानी की कमी की समस्या को परिलक्षित करती हुई समाज के हित में रचित कवि सतीश जी की एक बेहतरीन रचना, उम्दा लेखन

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