ए लहरॊं की रागिनी

ए लहरॊं की रागिनी

राग का यह राज तो बता

सुर तेरे से मचलती है लहरे

या उनकी मस्ती से महकते सुर तेरे

…… यूई

Comments

4 responses to “ए लहरॊं की रागिनी”

  1. Satish Pandey

    वाह वाह

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत ही उम्दा

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