ऐ सनम

जब से देखा तुमको ऐ सनम, हमसे ही दिल हमारा नहीं जाए संभाला । रात आंखों में ही कट जाती है, लगता है नींद ने आंखों से रिश्ता ही तोड़ डाला।

Comments

4 responses to “ऐ सनम”

  1. बहुत सुन्दर

  2. बहुत खूब, सुन्दर भाव, श्रृंगार की प्रधानता

  3. बहुत सुंदर पंक्तियां

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