ओ कवियों की लेखनी! सावन का यह मंच

सावन का मंच
*****************
ओ कवियों की लेखनी!
लिखो खूब साहित्य
लिखो खूब साहित्य
सफल हिंदी को कर दो
सावन का यह मंच
पल्लवित पुष्पित कर दो।।

Comments

2 responses to “ओ कवियों की लेखनी! सावन का यह मंच”

  1. सही बात कही आपने
    साहित्य को साहित्य की तरह लिखना चाहिए
    उसमें कोई बैर नहीं करना चाहिए
    हिंदी के साहित्य को बेहतर बनाने के लिए सावन का यह मंच बहुत ही सफल प्रतीत हो रहा है
    यदि सावन जैसे मंच रहे तो
    हिंदी दिन पर दिन प्रगति करेंगी इसमें कोई संदेह नहीं है
    आप जैसे कवि सावन के मंच को सजाते रहते हैं
    बहुत ही सुंदर पंक्तियां।।

Leave a Reply

New Report

Close