और बेधड़ फिर धड़कता है दिल..!!

तुम्हारी मौजूदगी को
नजरंदाज करता है दिल
बड़ी मुश्किल से
संभलता है दिल
साँसों से ज्यादा
तेरी धड़कन में हूँ
यही आजकल
महसूस करता है दिल
जब तू होता करीब तो
थमती हैं साँसें
और बेधड़ फिर धड़कता है दिल..!!

Comments

6 responses to “और बेधड़ फिर धड़कता है दिल..!!”

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. Praduman Amit

    बहुत ही सुन्दर भाव है। प्रेम रस में डूबी कविता कभी कमजोर नहीं होता है।

Leave a Reply

New Report

Close