हिम्मत न हार, जीत पा
कदम बढ़ा, कदम बढ़ा
मंजिलें स्वयं तेरे
कदम पे लोट जायेंगी।
राह है कठिन मगर तू
हौसला भी कम न रख
हौसले को देखकर
राहें सिकुड़ सी जायेंगी।
अवरोध की फ़िकर न कर
कदम बढ़ा, कदम बढ़ा,
संकल्प तेरा देखकर
बाधाएँ भाग जायेंगी।
कदम बढ़ा, कदम बढ़ा
Comments
10 responses to “कदम बढ़ा, कदम बढ़ा”
-

Very nice, great
-
बहुत बहुत धन्यवाद जी
-
-

सुन्दर अभिव्यक्ति ।
हौसलों की पंख से भी उङान भरा जाता है
डगर हो जितनी भी कठिन मन्जिल पर नज़र ठहर जाता है-
इतनी सुंदर समीक्षा के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद, आपकी इस सुंदर टिप्पणी से नई ऊर्जा मिली है। धन्यवाद
-
-
Sunder
-
सादर धन्यवाद जी
-
-
बहुत ही प्रेरणादायक पंक्तियां,
हिम्मत ना हार,जीत पा ,कदम बढ़ा ।वाह,अति सुंदर-
बहुत सारा आभार, इस सुंदर समीक्षा ने उत्साहित किया, धन्यवाद
-
-
ग्रेट
-
Thanks ji
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.