कलम उठाई है…

आज एक अर्से के बाद
कलम उठाई है।

तेरी प्रीत मेरी आँख में भर आई है
दिल की पीर से है मुझको कुछ आराम मिला,
आज इसी वाइस मैंने कलम उठाई है।

दीद हुई जबसे तेरी साँसों की महक
मेरी रूह, मेरे जिस्म में समाई है।

तेरी प्रीत में लिखना भी भूल बैठी थी, आज बड़े दिनों बाद मैने कलम उठाई है।।

Comments

3 responses to “कलम उठाई है…”

  1. Rishi Kumar

    वक्त बदला पर लम्हा नहीं
    मिली ठोकर पर संभला नहीं
    साहब जिसे इश्क हो शराब से
    मैखाने से बिन पिए लौटा नहीं

    ——— बहुत सुंदर😍💓 पंक्तियाँ

    1. धन्यवाद आपका आभार 

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