कल ही आ जाना बहना तू

कल ही आ जाना बहना तू
परसों तो रक्षाबंधन है,
कुछ देर बैठकर बचपन की
यादों को ताज़ा कर लेंगे।
तू भी अपने में व्यस्त हो गई
हमको भी फुर्सत न रही
अब कल ही आ जाना बहना,
परसों तो रक्षाबंधन है।

Comments

9 responses to “कल ही आ जाना बहना तू”

  1. सुन्दर भाव।
    कुछ देर बैठ कर बचपन की यादों को..nice line

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद, प्रज्ञा बहन

      1. धन्यवाद भाई

  2. Geeta kumari

    भाई का अपनी बहन को इतने प्यार व मनुहार से बुलाना….वाह — अति सुंदर

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद जी

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Behtrin kavya

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद शास्त्री जी

    1. Satish Pandey

      Thank you

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