कहते थे क़रीब मेरे दिल के रहना

कहते थे मेरी आँखों में ही रहना

कभी फ़ासले दूर कर जाएँ तो क्या

कहते थे क़रीब मेरे दिल के रहना

जिस्म ना मिल भी पाए तो क्या

कहते थे मुझे मन से ना भुलाना

आवाज़ ना भी लगा पाए तो क्या

कहते थे यादों में मुझे ज़िन्दा रखना

कभी ज़िन्दगी धोखा दे जाए तो क्या

साथ थे जब तक कुछ ना था भुलाना

तुम ही दे गए धोखा तो क्या भुलाना

                        …… यूई

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