कहीं न पा सकूं तो

न बैठो दिल में मेरे
इस तरह से आशा बन,
कहीं न पा सकूं तो,
दुःखी रहेगा मन।
तुम्हारे साथ बिना
रह नहीं सकता,
तुम्हीं हो सांस मेरी
तुम ही दिल की धड़कन।

Comments

11 responses to “कहीं न पा सकूं तो”

  1. Geeta kumari

    वाह, क्या बात है सर…..बहुत ख़ूब👏
    सौन्दर्य से परिपूर्ण..

    1. इतनी सुंदर समीक्षा हेतु सादर धन्यवाद।

      1. Geeta kumari

        सुस्वागतम्🙏

  2. सुंदर पंक्ति।।

    1. धन्यवाद जी

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  3. Devi Kamla

    Very nice

    1. Satish Pandey

      Thanks

Leave a Reply

New Report

Close