ज़िन्दगी की रीत

अपनों का साथ मिले तो,
हार में भी जीत है।
अपनों का साथ हो तो,
हर दिवस ख़ुशी का गीत है।
है निशा का अन्धकार तो,
एक दीपक साथ निभाएगा ।
तिमिर से अब भय कैसा है,
दीपक का प्रकाश जगमगाएगा ।
“गीता ” कहती है, कर्म करो,
मत चिंता फल की किया करो ।
फल देना तो ईश का काम है,
यही ज़िन्दगी की रीत है ।
अपनों का साथ हो तो,
हर दिवस ख़ुशी का गीत है..

Comments

19 responses to “ज़िन्दगी की रीत”

  1. Satish Pandey

    अपनों का साथ हो तो,
    वाह वाह—
    अपनों का साथ हो तो, जीत ही जीत है।
    बहुत खूब, बहुत सुंदर, लेखनी को सलाम

    1. आज तो धन्यवाद शब्द छोटा पद रहा है सर…कवि शिरोमणि की इतनी सुंदर समीक्षा। बहुत बहुत आभार 🙏🙏

      1. “पड़ रहा है”

    1. Geeta kumari

      Thank you very much chandra ji🙏

  2. Rishi Kumar

    कई मिले तो शहर बस गया,
    उड़े परिंदे तो सुबह हो गया|
    नित दिन संदेशा लाते,
    उठो उठो अब सुबह हो गया|

    1. Geeta kumari

      🙏🙏

  3. Rishi Kumar

    आपकी कविता बहुत अच्छी लाजवाब

    1. Geeta kumari

      आपका बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏

  4. बहुत अच्छा

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद जी 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद आपका भाई जी 🙏। बस, यह स्नेह बना रहे।

  5. Devi Kamla

    अति उत्तम

    1. Geeta kumari

      Obliged to you mam.thank you 🙏

  6. Piyush Joshi

    अतिसुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी 🙏

    2. Geeta kumari

      धन्यवाद पीयूष जी 🙏

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