क़ाबिल

ए कविता चल आज कवियों के अंजुमन में।
शायद दीदार के क़ाबिल हो जाए उनके अंजुमन में।।

Comments

6 responses to “क़ाबिल”

  1. उत्तम विचार

Leave a Reply

New Report

Close