कितने पर्दे बदले….

कितने पर्दे बदले हैं,
इस जिंदगी ने।
कभी पुराने,
तो कभी नए।
कुछ फीके,
कुछ मटमैले।
और कुछ रेशम से नए।

Comments

12 responses to “कितने पर्दे बदले….”

  1. Vasundra singh Avatar

    आपकी सोच थोड़ा हट के है, साधारण से शब्दों से ही आप बहुत कुछ कह देती हैं

  2. Pratima chaudhary

    आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
    इस सुंदर समीक्षा के लिए।

    1. हार्दिक धन्यवाद

  3. मोहन सिंह मानुष Avatar

    थोड़े से शब्दों में गहरी बात

    1. सादर धन्यवाद

  4. Deep Patel

    Very nice

  5. बहुत बढ़िया

  6. Life is different…n we see new thing every day

  7. प्रतिमा

    Thank you

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