6 Comments

    1. हाहाहा..
      मेरा तो मन करता है दुनियादारी से सन्यास लेलूं और साध्वी बन जाऊं…

      1. “ऐसा ना करना बहन,यदि मानो मेरी
        आगे मर्ज़ी तुम्हारी ……”
        प्लीज़ मत करना चाहे मर्ज़ी भी हो ।

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