कैसी पूजा

वटसावित्री का पूजन किया
बड़गद की टहनी रोपकर।
वृक्षराज को देकर कलेश
कैसी पूजा है ये शोकहर।।

Comments

3 responses to “कैसी पूजा”

Leave a Reply

New Report

Close