कोई डर कर

कोई डरा कर किसी का मन बदल देता है,
कोई डर कर अपना शहर बदल देता है,
कोई सब कहकर कुछ बदल नहीं पाता,
तो कोई खामोश रहकर भी बहुत कुछ बदल देता है,
कोई तोहफे देकर हज़ार भी किसी को बदल नहीं पाता,
तो कोई ज़रा सी मुस्कराहट से किसी की दुनिया बदल देता है॥

राही (अंजाना)

Comments

2 responses to “कोई डर कर”

  1. Manjulika Nath Avatar
    Manjulika Nath

    umda lines …

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close