निर्विरोध मास्क लगाना है।
नहीं कोरोना से घबराना है।।
अनावश्यक बाहर नहीं जाना है।
घर में रहकर कोरोना को हराना है।।
कोरोना भागेगा एक दिन
ऐसा मन में रख विश्वास।
बृक्षों लगा रे विनयचंद
पाओगे परिशुद्ध तु साँस।।
कोरोना को हराना है
Comments
10 responses to “कोरोना को हराना है”
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घर में रहकर कोरोना को हराना है
बहुत सुंदर-
धन्यवाद
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धन्यवाद
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घर पर रहें स्वस्थ रहें
सुंदर अभिव्यक्ति-
धन्यवाद
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बहुत सुंदर अति उत्तम
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शुक्रिया पाण्डेयजी
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Sahi jankari
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अनावश्यक बाहर नहीं जाना है।
घर में रहकर कोरोना को हराना है।।
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