7 Comments

  1. रहे जरूरी काम , बाहर तभी जाना तुम,
    इस डिजिटल युग में हो जितना संभव,
    घर से ही अपना काम करें हम।।
    —— बहुत खूब अति उत्तम पंक्तियां व अति उत्तम रचना

  2. बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी आपके द्वारा दी गई इस प्रेरक समीक्षा हेतु हार्दिक आभार

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