…क्या कम है?

कौन कहता है, पुरुषों के जीवन में रौशनी नहीं है।
उनकी अर्धांगिनी की बिंदिया क्या रौशनी से कम है।।

Comments

5 responses to “…क्या कम है?”

  1. सच्ची बात, बहुत खूब

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close