सावन मे सखी मन 💕 क्यों बहके ।
सारे पपीहा पेड़ पर क्यों चहके।।
काली घटा प्रेम रुत क्यों ले आई।
उसके आने से मन 💕 क्यों धड़के ।।
सावन के 💧 बूंद गालो को क्यों चूमे।
इस मौसम में अंग अंग क्यों फड़के।।
क्यों
Comments
16 responses to “क्यों”
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Nice
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धन्यवाद।
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वाह बहुत सुंदर
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शुक्रिया।
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वाह
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आभार।
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Nice
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धन्यवाद।
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Good
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शुक्रिया।
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Nyc
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धन्यवाद।
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Good
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शुक्रिया मेहरबान।
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वेलकम
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उत्तम रचना
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