7 Comments

  1. बीते हुए कल की क्यू अफसोस मनाते हैं
    खुद पे भरोसा करके, खुद को आजमाते हैं”
    खूबसूरत पंक्तियाँ, सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. आपकी सभी कविताओं में से
    यह कविता सबसे अधिक मेरे लिए प्रिय है
    बहुत-बहुत धन्यवाद आपका
    बहुत सराहनीय कविता
    उच्चतम लेखनी
    लेखनी को सलाम

  3. यहकविता नेप की वजह से दो बार रीपिट हुई है ।
    मैने हटाने कीबहुत कोशिश की पर नहीं डिलिट हुई

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