ख्वाबों का महल

आखिर डूब ही गया
ख्वाबों का महल,
कितनी दफा रोंका था दिल ने
समुंदर पर आशियां बनाने से…

Comments

5 responses to “ख्वाबों का महल”

  1. वाह वाह, बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति प्रज्ञा जी, वाह

    1. Pragya Shukla

      धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    बहुत सुंदर पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close