भारतीय होने पर गर्व है,
आज 26 जनवरी का पर्व है।
देश के दुश्मनों को मिलकर हराएं,
आओ हर घर में तिरंगा फ़हराएं।
ना केवल जश्न मनाना है,
ना केवल झंडा फ़हराना है,
जो कुर्बान हुए वतन पर,
उनको भी शीश नवाना है।
आचरण हुआ देश का दूषित,
चलो सब को जगाते हैं।
हुआ था लाल रंग धरा का,
देश के जिस-जिस लाल से,
उन वीर शहीदों को,
आओ मिलकर शीश झुकाते हैं।
भूख, गरीबी और लाचारी
आओ भारत भूमि से मिटाएं,
भारत के हर वासी को,
उसके सब अधिकार दिलाएं।
आओ मिलकर नए रूप में,
हम गणतंत्र दिवस मनाएं।
इस दिन को पाने को ही,
वीरों ने रक्त बहाया था।
वंदे मातरम और जय हिंद का,
नारा खूब लगाया था।
हुई थी रक्त रंजित धरा,
जिन शहीदों के लहू से,
हम गली-गली उन वीरों की गाथा गाएंगे,
नई पीढ़ी तक उनकी आवाज पहुंचाएंगे।
आओ फिर से गणतंत्र दिवस मनाएंगे।
_____✍️गीता
*गणतंत्र दिवस*
Comments
6 responses to “*गणतंत्र दिवस*”
-
आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, जय हिन्द🇮🇳
-

This comment is currently unavailable
-
Thank You bro.
-
-
-
गणतंत्र दिवस पर कवि गीता जी की बेहतरीन कविता। सुन्दर भाव सुन्दर शिल्प
-
उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक धन्यवाद सतीश जी। बहुत-बहुत आभार सर
-
-
अतिसुंदर भाव जय हिंद
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.