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  1. अति सुंदर भाव और अति सुन्दर प्रस्तुति.”कभी किसी दुखी का दर्द मत बढ़ाना तुम,जरा सा नेह देना और गम मिटाना तुम।”….. बहुत ही खूबसूरत लयबद्ध ग़ज़ल.

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