वफा के बदले उनके शहर में”अमित”बेवफ़ाई ही मिला।
चलो गम को भुलाने के लिए मयख़ाने में मय तो मिला।।
गम
Comments
5 responses to “गम”
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Nice
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Nice lines
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क्या बात है अब आई जान शायरी में..
जबरदस्त, अतिउत्तम -
वाह,क्या बात है।
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क्या बात है!
अमित सर
बहुत खूब
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