गलत बात है..

करें कितनी भी कोशिश
तेरे दिल में समाने की,

सोंचना ही गलत है
जगह तेरे दिल में बनाने की|

मार खाओगे मुझसे
बात ये सोंची जो तुमने,

मुझकों छोड़कर किसी और
की बाहों में जाने की |

Comments

9 responses to “गलत बात है..”

  1. वाह वाह, प्रज्ञा जी बहुत खूब, बहुत खूब

  2. वाह बहुत खूब

  3. बहुत सुंदर जी

  4. This comment is currently unavailable

  5. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब,प्रज्ञा अति सुन्दर

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