गांव की सड़कों में

योजनाओ!! तुम
धरातल तक
पहुंच जाओ ना,
गांव की सड़कों में
खूब गड्ढे हो गए हैं।
ऐसे झटके हैं कि
बीमार या गर्भावस्था में
ये गड्ढे समस्याओं के
अड्डे हो गए हैं।

Comments

5 responses to “गांव की सड़कों में”

  1. बहुत सुन्दर रचना की है सर

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर

  3. Geeta kumari

    ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान दिलवाती हुई कवि सतीश जी की बेहतरीन रचना ।”ये गड्ढे समस्याओं के अड्डे हो गए हैं।” रोजमर्रा जीवन में काम आने वाली सड़क ही ठीक ना होगी तो बीमार लोग और गर्भवती स्त्रियों को कितनी परेशानी हो सकती है।ये कवि ने अपनी कविता के माध्यम से बताया है ।अति सुन्दर भाव एवम् सुन्दर प्रस्तुति।

  4. यथार्थ पर आधारित बहुत ही सुन्दर रचना है सर

Leave a Reply

New Report

Close