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  1. प्रकृति का जब कोई सुरम्य दृश्य सामने आता है, तो कवि की मन की वीणा के तार झंकृत होने लगते हैं, फलस्वरूप कवि के उदगार निकलने लगते हैं। प्रकृति की सुंदरता का अवलोकन करते हुए उसी पर कितनी कविताएं कवियों द्वारा कही जा चुकी हैं। यहाँ पर कवि गीता जी की निगाह प्रकृति के विलक्षण सौन्दर्य इंद्रधनुष की ओर गई जिसका चित्रण उन्होंने सफलता पूर्वक किया है। बहुत खूब।

    1. इतनी सुंदर समीक्षा के लिए आपका बहुत-बहुत आभार सर, प्रकृति के इस सुंदर दृश्य पर हृदय सच में बहुत प्रसन्न हो गया था और आपकी प्रेरक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद

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