गुजार दी जिन्दगी..

गुजार दी मैंने जिन्दगी बस इन्तजार में
तुम आकर सम्भाल लोगे मुझे टूटते हुए..

Comments

9 responses to “गुजार दी जिन्दगी..”

  1. वाह वाह, बेहतरीन से भी बेहतरीन

  2. वाह बहुत खूब

    1. Pragya Shukla

      Thanks

  3. Geeta kumari

    वाह बहुत ख़ूब

  4. Praduman Amit

    क्या कहने।

  5. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

Leave a Reply

New Report

Close