चलो एक बार..

चलो एक बार हम
फिर से दिखावा आज करते हैं
तुम पूँछो की कैसे हो ?
हम कह दें की अच्छे हैं।
अब तो रातों में रोना भी
हमको खूब आता है
बस एक बार तेरी बेवफाई
याद करते हैं।

Comments

12 responses to “चलो एक बार..”

  1. This comment is currently unavailable

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Praduman Amit

    इश्क़ में गर ए दोस्त अश्क ना होता।
    तनहाई में ज़ालिम कैसे याद आता।।

  4. Pratima chaudhary

    Very nice lines

    1. Pragya Shukla

      Thanks

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