……….चाहत होती है!

पराये जज्बातों को अपना बनाने की चाहत होती है

किसी की आहों में डूब जाने की चाहत होती है

उम्र भर चलते रहे तनहाईयों के साथ हम

उनके साथ चंद कदम चलने की चाहत होती है

Comments

4 responses to “……….चाहत होती है!”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

    वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Satish Pandey

    वाह वाह

  4. Satish Pandey

    अति सुन्दर पंक्तियाँ

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