चूड़ी की खनक

मैं जब कभी कहीं मायूसियों में घिरता हूँ,
तेरी उम्मीद मेरा हाथ थाम लेती है..
तेरी मौजूदगी का इल्म इसलिए है मुझे,
तेरी चूड़ी की खनक मेरा नाम लेती है..

Comments

8 responses to “चूड़ी की खनक”

    1. Prayag Dharmani

      आपकी सराहना अमूल्य है

    1. Prayag Dharmani

      Thank You.

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