मैं जब कभी कहीं मायूसियों में घिरता हूँ,
तेरी उम्मीद मेरा हाथ थाम लेती है..
तेरी मौजूदगी का इल्म इसलिए है मुझे,
तेरी चूड़ी की खनक मेरा नाम लेती है..
चूड़ी की खनक
Comments
8 responses to “चूड़ी की खनक”
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वाह वाह
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आपकी सराहना अमूल्य है
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बहुत खूब
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Thank You.
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वाह
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🙏🙏
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Wah
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🙏🙏
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