कविता, गीत, कहानी लेखन

15 Comments

  1. ओमप्रकाश चंदेलजी धन्यवाद ! आप की सेवा में –
    दर्द सहकर भी, दुःख बताते नहीं |
    आंसू की धार नहीं ,दुखी कहने के लिए ||
    भूखे बिता लेते ,खुद बहलाने के लिए |
    मजदूर हूँ मजबूर ,दुःख सहने के लिए ||
    पांव में छाले पड़े ,कहीं दिखाता नहीं |
    थक जाता हूँ , कभी सुस्ताता नहीं ||
    धर्म करता हूँ , कभी सताता नहीं |
    कर्म पर विश्वास , कहीं घबराता नहीं ||

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