जय हो दुर्गा जय हो। काली जय हो दुर्गे खप्पर वाली।।

नया वर्ष आया है मित्रों
मनाओ इसको तन मन धन से
मां दुर्गा का वंदन करके
नतमस्तक कर दो सिर को
चैत्र मास आरंभ हुआ
आया है नवल प्रभात
धन्य भारतीय संस्कृति
धन्य है इसकी बात
खिले पलाश, आई नव कोपल
मधुर मधुर छाई सुगंध
फागुन के रंग से रंगे
चैत्र मास के कोमल अंग
जय हो दुर्गा जय हो काली
जय हो दुर्गे खप्पर वाली।।

आप सभी को नव वर्ष की तथा नवरात्रि के प्रथम दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।।
जय हो शैलपुत्री माता की।।

Comments

6 responses to “जय हो दुर्गा जय हो। काली जय हो दुर्गे खप्पर वाली।।”

  1. जय हो दुर्गा देवी की

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