ज़रा आंखो को नम रखना
सोंच के आगे बढ़ना ।
रंग बदलते चेहरे, ढंग से पढना
सोंच के आगे बढ़ना ।
ज़रा सोंच के
Comments
8 responses to “ज़रा सोंच के”
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इन्टरनेट की परेशानी की वज़ह से दो बार
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कोई नहीं डिलीट का आप्शन है….
👌👌👌👏👏👏👏👏अति उत्तम-

सादर धन्यवाद
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बहुत ख़ूब
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सादर आभार
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Oo
Very good-

सादर धन्यवाद धन्यवाद
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सुंदर
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