ज़िन्दगी से

बहुत मिला इस ज़िन्दगी से,
सब कुछ कहां,किसे हासिल मगर
रह ही जाता है, किसी का “काश”,
और, कहीं किसी का “अगर”..

*****✍️गीता

Comments

10 responses to “ज़िन्दगी से”

  1. अति सुंदर गागर में सागर भरा आप ने ✍👌👌

    1. Geeta kumari

      बहुत सुंदर समीक्षा की है ऋषि जी , बहुत बहुत धन्यवाद

  2. वाह अनुप्रास अलंकार से अलंकृत कर आपने कम शब्दों में प्रभावशाली बात कही है,बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर ।आपकी प्रेरक समीक्षाएं बहुत उत्साह वर्धन करती हैं । अभिवादन🙏

    1. सादर आभार भाई जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thank you very much pragya. This is really true lines.

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