एक-एक मोती से एक,
फिर माला बन जाएगी
धीरे धीरे करो पहल तो क्रांति देश में आएगी।
याद करोगे बलिदानों को ,
देशभक्ति जागेगी।
आग हृदय में बुझ गई जो
फिर अंगारे बना दो।
देशवासियों जागो, जागो ,जागो ,जागो।
निमिषा सिंहल
जागो
Comments
10 responses to “जागो”
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वाह बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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धन्यवाद
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Nice
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Thank you
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Nice
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धन्यवाद
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Nice
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Thank you so much
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Wah
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