जाति- पाति के ताने-बाने

यूँ कहना तो बड़ा आसान है
भूल जाना सारे बन्धनों को
जाति -पाति को छोड़ देना
परंतु सच्चाई यह है
की जाति- पाति के
ताने-बाने हमने ही बनाये हैं और
उनको हम ही
पोषित करते हैं
बची- खुची कोशिश
राजनैतिक दल कर रहे हैं
हमें अलग करने की
आरक्षण का भी अपना
अलग महत्व है
हमें अलग करने में ।

Comments

10 responses to “जाति- पाति के ताने-बाने”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Nice n true

    1. धन्यवाद आपका

  2. Heart touching lines👏

    1. Thanks bhai🙏🙏🙏

  3. Shyam Kunvar Bharti

    वाह वाह बहुत खूब

    1. Pragya Shukla

      धन्यवाद आदरणीय

  4. बहुत सुंदर भाव
    सत्य वचन

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