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  1. पिता को याद करती हुई और अपने कुछ कामों के लिए ग्लानि महसूस करती हुई बहुत ही संजीदा रचना

  2. अरमानों से सींच बगिया,
    जाने तुम कहां गए।
    अंगुली पकड़ चलना सीखाकर,
    जाने तुम कहां गए।।
    — बहुत मर्म भरी कविता। अत्यंत गहरे भाव, बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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