खैरात में दे दी है हमने ,अपनी जीत किसी को,
लोगों को लगा ,हम हार के आ गए।
जीत
Comments
20 responses to “जीत”
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जिन्होंने ठान ली हो
तुम्हें आगे न बढ़ने देने की
किसी भी तरह पीछे पड़ जाते हैं वे
तुम्हारी राह रोकने अड़ जाते हैं वे।-
Hahaha 🙏🙏
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तुझे हराने के हथकंडे कई हैं मगर
तू बेपरवाह सा चल, होने दे छल-
👍… Thank you Kamla ji🙏
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बहुत सुंदर पंक्तियां मैम
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धन्यवाद जी
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बहुत सच्ची पंक्तियाँ, यही सच है
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सादर आभार जी🙏
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गजब…
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Thanks for your pricious n lovely comment,pragya
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सुंदर
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका 🙏
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बहुत खूब बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी 🙏
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Atisundar
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आपका हार्दिक धन्यवाद ईशा जी
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बहुत खूब
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शुक्रिया पीयूष जी 🙏
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Bahut khoob, waah Waah
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हार्दिक धन्यवाद इन्दु जी 🙏
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